योग सबको बदल सकता है, हम किसी काे बदल नहीं सकते। यह कहना है जयपुर के योगाचार्य ढाकाराम सापकाेटा का। जयपुर के प्रमुख योग शिक्षक और योगपीस के संस्थापक दो बार अंतरराष्ट्रीय स्वर्ण पदक और कई राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त कर चुके हैं। इनकी योग यात्रा 1993 में शुरू हुई, जब इन्होंने जयपुर के अपने गुरु सूरज करण जिंदल से से योग शिक्षा आरंभ करी।
योगाचार्य ढाकाराम ने 1998 में योगपीस की स्थापना की, जहां सभी स्तर की कक्षाएं और कार्यशालाएं आयोजित होती हैं। इन्होंने ‘एकम योग’ की स्थापना की, जो चिकित्सीय योग में विशेषज्ञता रखता है। इनके यहां एक्युप्रेशर, सुजोक चिकित्सा, ट्विस्ट थैरेपी, स्माइल मेडिटेशन, स्माइल योग और प्राकृतिक चिकित्सा की सुविधा है। योगापीस संस्थान अब तक 3 हजार योग टीचर तैयार कर चुके हैं, जो देश-दुनिया में योग की ट्रेनिंग दे रहे हैं। यहां अब तक आर्थराइटिस, अस्थमा, थाइराइड, नी-पेन, साइटिका के 50 हजार लोग बिना दवा के नियमित योग से ठीक हो चुके हैं।
1 – आप कितने तरह से योग की ट्रेनिंग देते हैं, जो लोगों के लिए लाभकारी है?
हम अलग तरह से योग की ट्रेनिंग देते हैं।
- योग ट्रेनिंग: इसके तहत 1800 घंटे का योगा टीचर्स ट्रेनिंग प्रोग्राम करते हैं।
- आनंदम फाेर काॅर्पाेरेट: इसमें कॉर्पोरेट हाउस से जुड़े लोगों को एनर्जेटिक और बेहतर आउटपुट की ट्रेनिंग देते हैं।
- याेगा फाॅर स्पाेर्ट्स: भारत में याेग को खेल का दर्जा मिला हुआ है। हम उस तरह की प्रतियोगिता के लिए लोगों को तैयार करते हैं।
- आनंदम: इसमें ऐसी टेक्निक देते हैं ताकि खुशी मिलती रहे। इसके लिए नियमित आसन, प्राणायाम तथा ध्यान कराते हैं।
योगाचार्य ढाकाराम का कहना है कि योग सबको बदल सकता है, हम किसी काे बदल नहीं सकते हैं।
2 – बिजी लाइफ में बहुत से लोग एक साथ एक या दो घंटे के लिए योगा सेंटर नहीं जा पाते, क्या आप उनको तीन प्रहर के हिसाब से 10 से 15 मिनट के योग कैप्सूल बता पाएंगे ताकि वे फिट रह सकें?
अमृत जितना मिल जाए उतना अच्छा है। वैसे रोज एक से सवा घंटे योग कर आप बेहतर महसूस करेंगे। अगर समय का अभाव है तो:
- सुबह: 3 मिनट ताड़ासन, 3 मिनट भस्त्रिका और 3 मिनट ध्यान करें।
- लंच के बाद: 5 मिनट वज्रासन, 5 मिनट भ्रामरी, 5 मिनट डीप ब्रीदिंग या अनुलाेम-विलाेम करें।
- रात के खाने से पहले: 2 मिनट कोेणासन, चेयर पर 5 मिनट कटिचक्रासन या भारद्वाजासन और 3 मिनट उत्तानासन कर सकते हैं।
यह ध्यान रहे सुबह-शाम खाली पेट और दोपहर में खाने के बाद आसन करें।
3 – ब्रीदिंग एक्सरसाइज कब और कितनी देर कर हम खुद काे फिट रख सकते हैं, कौनसी एक्सरसाइज करनी चाहिए?
रोजाना 15 मिनट ब्रीदिंग एक्सरसाइज दिन में तीन-चार बार करना बेहतर है। यह बहुत ही साधारण, लेकिन कारगर आसन है।
4 – आपने योगिक क्रियाओं के जरिए खुद के स्वास्थ्य को कैसे बेहतर किया, क्या परिवर्तन महसूस किया?
मैं मस्त रहता हूं और अपनी खुशी से समझौता नहीं करता है। कितने भी उतार-चढ़ाव आएं, किसी तरह का स्ट्रेस नहीं लेता। जब 9 साल का था, तब से याेग सीखने की ललक थी। मैं अब तक योग संबंधित पुस्तक भी पढ़ता हूं।

5 – इस साल योग दिवस की थीम ‘योगा फॉर सेल्फ एंड साेसायटी’ है। इसके मायने क्या समझे जाएं?
आप खुद स्वस्थ रहेंगे ताे ही दूसरों के लिए हेल्थ या फिटनेस की बात कर सकेंगे। अपने आसपास के लाेगाें को प्रेरित करें। रोज इसके लिए साधना करें। सबसे पहले खुद से प्यार करें, फिर परिवार से और उसके बाद समाज के प्रति प्रेम दिखाएं।
6 – बहुत-सी कामकाजी महिलाएं या हाउसवाइफ समय की कमी से याेग नहीं करतीं। दूसरा सब यह कहते हैं िक सुबह याेग कराे। बदलते वक्त में क्या यह सही नहीं हाेगा कि जब समय मिले तब ही योग कराे?
जब पीएम समय निकालते हैं, बिग बी समय निकालते हैं ताे हम क्यों नहीं निकालते। छोटी-छोटी सर्जरी में बहुत खर्चा आता है। महिलाओं को टुकड़ों में समय निकालकर योग करना चाहिए। हार्मोन प्रॉब्लम के लिए शीर्षासन, सर्वांगासन, सेतुबंध आसन, बद्धकोणासन, उत्तानासन को ट्रेनर की देखरेख में ही करना चाहिए। प्राणायाम, कपालभाति, भस्त्रिका, भ्रामरी करना चाहिए । इससे पीसीओडी, स्ट्रेस और थायराइड में भी आराम मिलेगा।
7 – बीएमआई टेस्ट में आर्गन की कमजोरी की वजह से लाेगाें की उम्र ज्यादा आती है। ऐसे में कौन से याेग हैं जिनके सहारे हम ऑर्गन काे स्वस्थ रख सकते हैं?
आसन और ध्यान करना जरूरी है।
- पैरों के लिए उत्थित त्रिकोणासन, उत्तानासन, गुल्फ नमन क्रिया करें
- कमर के लिए ताड़ासन, भारद्वाजासन, जठर परिवर्तनासन, मर्कटासन करें।
- सर्वाइकल के लिए ग्रीवा शक्तििवकासक और स्कंधच्रक क्रिया करनी चाहिए।
- ब्रेन के लिए शीर्षासन, उत्तानासन, अधोमुख श्वान आसन फायदेमंद है।
8 – ऐसी जानकारी है कि आप योग के माध्यम से नशा प्रवृत्ति पर काफी हद तक अंकुश लगाते हैं?
यह सही है कि बहुत से नशा प्रवृति से जुड़े लोग आते हैं। उनको सामान्य दिनचर्या के साथ कुछ महीने तक योगाभ्यास कराते हैं। इसके लिए पुर्वाेत्तान, सुप्तबद्धकाेणासन, सुप्त सुखासन, शीर्षासन करने से लाभ मिलता है।
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