कैंसर

images

क्या हैं कैंसर -

कैंसर शब्द ऐसे रोगो के लिए प्रयुक्त किया जाता है जिसमे असामान्य कोशिकाएं बिना किसी नियंत्रण के विभाजित होती हैं और वे अन्य ऊतकों पर आक्रमण करने में सक्षम होती हैं! कैंसर की कोशिकाएं रक्त और लसिका प्रणाली के माध्यम से शरीर के अन्य भागो में फ़ैल सकती हैं!

कैंसर की उत्पति -

शरीर कई प्रकार की कोशिकाओं से बना होता हैं! शरीर को स्वस्थ रखने के लिए ये कोशिकाएं वृद्धि करती हैं और नियत्रित रूप से विभाजित होती हैं! कोशिकाएं जब पुरानी हो जाती हैं तो मर जाती हैं और उन के स्थान पर नयी कोशिकाएं आ जाती हैं! परन्तु कभी कभी ये व्यवस्थित प्रक्रिया गलत हो जाती हैं! जब किसी सैल की आनुवांशिक सामग्री (डी एन ऐ) क्षतिग्रस्त हो जाती हैं या वे बदल जाती हैं तो उस में उत्परिवर्तन (म्युटेशन) पैदा होता हैं, जो सामान्य कोशिका के विकास और विभाजन को प्रभावित करता हैं! ऐसा होने पर ये कोशिकाएं मरती नहीं परंतु नयी कोशिकाएं पैदा होती रहती हैं जिसकी शरीर को जरूरत नहीं होती! ये अतिरिक्त कोशिकाएं बड़े पैमाने पर उग्र रूप ग्रहण कर लेती हैं जो ट्यूमर कहलाता हैं! सभी ट्यूमर  कैंसर नहीं होते! ये दो प्रकार के होते हैं!

  1. सौम्य ट्यूमर - ये कैंसर नहीं होते! ये शरीर से हटाए जा सकते हैं, और ज्यादातर मामलो में वापस नहीं आते, और न ही शरीर के अन्य भाग में फैलते हैं!
  2. घातक ट्यूमर - ये कैंसर वाले ट्यूमर होते हैं! ये शरीर के अन्य भागो में फ़ैल सकते हैं जिसे मेटास्टेटिस कहते हैं! आस पास के ऊतकों पर आक्रमण कर सकते हैं! 
  3. ल्यूकेमिया - यह अस्थिमज़्ज़ा और रक्त का कैंसर हैं! इसमें ट्यूमर  नहीं बनते! 

कैंसर के कुछ लक्षण -

  1. स्तन या शरीर के किसी अन्य भाग में कड़ापन या गांठ 
  2. नया तिल या मौजूदा तिल में परिवर्तन 
  3. खराश जो ठीक न हो पाती हैं!
  4. आत्र या मूत्राशय की आदतों में परिवर्तन 
  5. निगलने में कठनाई 
  6. खाना खाने में असुविधा 
  7. वजन में बिना किसी कारण में वृद्धि या कमी 
  8. असमान्य रक्तस्त्राव या डिस्चार्ज 
  9. कमजोर लगना या थकावट महसूस होना 

कैंसर की मुख्य श्रेणियाँ 

  1. कार्सिनोमा  - कैंसर जो उन ऊतकों में उत्पन्न होता हैं जो आतंरिक अंगो के स्तर या आवरण बनाते हैं!
  2. सार्कोमा - कैंसर जो हड्डी, वसा, मांसपेशियों रक्त वाहिकाओं या अन्य संयोजी ऊतकों में शुरू होते हैं! 
  3. ल्यूकेमिया - कैंसर जो रक्त बनाने वाले अस्थिमज़्ज़ा जैसे ऊतकों में शुरू होते हैं!
  4. लिफोमा और माएलोमा - कैंसर जो प्रतिरक्षा प्रणाली की कोशिकाओं में शुरू  होते हैं!
  5. केंद्रीय तंत्रिका तंत्र के कैंसर - कैंसर जो मस्तिष्क और रीढ़ की हड्डी के उत्तको में शरू होते हैं!

कैंसर की जाँच-

  1. प्रयोगशाला  परिक्षण - इस के रक्त, मूत्र या अन्य तरल पदार्थो  को कुछ पदार्थो के शरीर में अचानक बढ़ जाने से भी कैंसर के संकेत मिल सकते हैं! इन्हे ट्यूमर मार्कर कहा जाता हैं!
  2. इमेजिंग प्रक्रिया - इस प्रक्रिया से शरीर के अंदर की तस्वीरें ली जाती हैं!  इमेजिंग कई प्रकार की होती हैं 
    1. एक्स रे  
    2. सी टी स्कैन
    3. रेडियोन्यूक्लाइड  स्कैन 
    4. अल्ट्रासॉउन्ड
    5. ऍम आर आई 
    6. पी ई टी स्कैन 
  3. बायोप्सी - ज्यादातर मामलो में कैंसर की जांच के लिए बायोप्सी  करने की जरूरत होती हैं! इस प्रक्रिया में ट्यूमर  से ऊतकों का नमूना लिया जाता हैं और उसे प्रयोगशाला में जाँच के लिए भेजा जाता हैं! नमूना सुई के जरिया, एण्डोस्कोप के जरिये या फिर सर्जरी के जरिये लिया जाता हैं!

कैंसर की रोकथाम - 

  1. तम्बाकू उत्पादों का प्रयोग न करे
  2. कम वासा वाला भोजन करे 
  3. सब्जी, फलो और समूचे अनाजों का प्रयोग अधिक करे!
  4. नियमित व्यायाम करे

कैंसर की उपचार प्रक्रिया - 

कैंसर के उपचार में निम्न प्रक्रिया शामिल हैं!

  1. शल्य क्रिया 
  2. रेडिएशन थेरैपी 
  3. कीमो थेरैपी
  4. जीवाणु थेरैपी
  5. जैविक थेरैपी

कैंसर का वैकल्पिक समाधान -

कैंसर के बारे में जो बात समझ में आती हैं वह यह हैं की अगर शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाया जाये या फिर किसी भी हालत में उसे काम न होने दिया जाये तो काफी हद तक शरीर स्वयं ही कैंसर पर बिजय प्राप्त कर सकता हैं! कैंसर कोशिकाओं को समाप्त करने की शक्ति शरीर के रोग प्रतिरोधी में ही होती हैं!  

  1. अच्छा आहार 
  2. योग, प्राणायाम
  3. तनाव से मुक्त जीवन
  4. रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाली प्राकृतिक तत्वों से बनी कुछ विशेष औषदीया इस में बहुत सहायक हो सकती हैं 
THE CHAKRAS AND THE ENDOCRINES
Cancer

Related Posts